Fake currency notes case in Durg : दुर्ग में जाली नोटों का मामला

दुर्ग। दुर्ग जिले में जाली नोटों के कारोबार का एक गंभीर मामला सामने आया है। दुर्ग पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है, जो कथित रूप से अपने घर में कलर प्रिंटर की मदद से नकली नोट तैयार कर साप्ताहिक बाजारों में खपाने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से कुल 1 लाख 70 हजार 500 रुपये मूल्य के जाली नोट और नोट छापने में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 29 दिसंबर को रानीतराई साप्ताहिक बाजार में सब्जी खरीद के दौरान 500 रुपये का एक संदिग्ध नोट चलाने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना के आधार पर मौके पर घेराबंदी कर अरुण कुमार तुरंग (उम्र लगभग 50 वर्ष) एवं उनकी पत्नी राखी तुरंग (उम्र लगभग 40 वर्ष) को हिरासत में लिया गया। पुलिस पूछताछ में दोनों द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने की बात सामने आई है।
इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपियों के निवास सोनपैरी (मुजगहन, रायपुर) में तलाशी लेकर बड़ी मात्रा में नकली नोट, प्रिंटर और कागज जब्त किए। रानीतराई पुलिस ने इस मामले में बीएनएस की धाराएं 178, 179, 180, 181 एवं 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
संपादकीय दृष्टिकोण:
यह मामला केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि आम नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा से भी जुड़ा है। साप्ताहिक बाजारों और ग्रामीण इलाकों में नकली नोट खपाने की घटनाएं चिंता का विषय हैं। दुर्ग पुलिस की तत्परता सराहनीय है, लेकिन साथ ही आम लोगों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। संदिग्ध नोट मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचना देना ही ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने का सबसे प्रभावी तरीका है।
(नोट: यह संपादकीय पुलिस द्वारा जारी जानकारी व प्रारंभिक जांच पर आधारित है। मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।)

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